हिमाचल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, पांवटा साहिब) में 27 एवं 28 फरवरी 2026 को फार्मेसी बियॉन्ड बॉर्डर्स: ट्रांसलेटिंग इनोवेशन इंटू इम्पैक्ट फॉर ग्लोबल हेल्थ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया।
यह सम्मेलन संस्थान की निदेशक डॉ. प्रीति गुप्ता, चेयरमैन ईं. यथार्थ गुप्ता, प्राचार्य डॉ. रमनदीप सिंह, डॉ. सतिंदर ककर, डॉ. अपेक्षा तथा डॉ. शिल्पी अरोड़ा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री गोपाल कृष्ण शर्मा, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश राज्य फार्मेसी परिषद, शिमला रहे। सम्मेलन का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जो ज्ञान एवं नवाचार का प्रतीक है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की एब्स्ट्रैक्ट बुक एवं स्मारिका का मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा विधिवत विमोचन किया गया। सम्मेलन में देश एवं विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी एवं शिक्षाविद सम्मिलित हुए, जिससे कार्यक्रम को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली।

अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में डॉ. पवन कुमार शुक्ला (सहायक महाप्रबंधक, अनुसंधान एवं विकास, पीएसके फार्मा, मॉस्को, रूस), डॉ. श्रवण के. पासवान (पोस्टडॉक्टोरल वैज्ञानिक, मेडिकल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरोलिना, अमेरिका), डॉ. मानवेंद्र सिंह (पोस्टडॉक्टोरल रिसर्च एसोसिएट, यूनिवर्सिटी ऑफ ओक्लाहोमा, अमेरिका), डॉ. शुभम श्रीवास्तव (पोस्टडॉक्टोरल रिसर्च एसोसिएट, यूटी हेल्थ साइंस सेंटर, ह्यूस्टन, अमेरिका) तथा डॉ. सरिता रानी (पोस्टडॉक्टोरल रिसर्च एसोसिएट, यूनिवर्सिटी ऑफ ओक्लाहोमा, अमेरिका) शामिल रहे।
राष्ट्रीय वक्ताओं में डॉ. जी. डी. गुप्ता (निदेशक-सह-प्राचार्य, आईएसएफ कॉलेज ऑफ फार्मेसी, मोगा), डॉ. अकरम अहमद (संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, देहरादून), डॉ. शैमी जिंदल (उप-प्राचार्य, आईएसएफ कॉलेज ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च, मोगा), डॉ. सतनाम सिंह (प्रोफेसर, आदेश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बठिंडा), डॉ. संजीव मित्तल (डीन, स्कूल ऑफ फार्मेसी, बहरा विश्वविद्यालय, सोलन), डॉ. विपन कुमार (एसोसिएट प्रोफेसर, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, पंजाब), डॉ. टिंकू गुप्ता (प्राध्यापक, हरियाणा), डॉ. जितेंद्र सिंह (प्राध्यापक, रायत बहरा विश्वविद्यालय, खरड़), डॉ. रविशंकर यादव (प्राध्यापक, कुल्लू कॉलेज ऑफ फार्मेसी), डॉ. लव सिंघल (सीनियर मैनेजर, पोंटिका एरोटेक लिमिटेड), डॉ. कपिल कुमार वर्मा तथा डॉ. सौरभ कोसे शामिल रहे।

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत के 22 राज्यों तथा 5 देशों से विद्यार्थियों और वक्ताओं ने भाग लिया। सम्मेलन के अंतर्गत ऑनलाइन एवं ऑफलाइन मौखिक तथा पोस्टर प्रस्तुतियां आयोजित की गईं।ऑफलाइन मौखिक प्रस्तुति में अनुश्रिया तालुकदार (रॉयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी, असम) प्रथम, रोहित ग्रोवर (गुरु नानक इंस्टीट्यूशन, हरियाणा) द्वितीय तथा वरुण कुमार (हिमाचल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, पांवटा साहिब) तृतीय स्थान पर रहे। ऑनलाइन मौखिक प्रस्तुति में के. मोनिका (जेएसएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी, मैसूर) प्रथम, दीपिका सैनी (एमिटी यूनिवर्सिटी, मोहाली) द्वितीय तथा पूनम गाबा एवं टीम (महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय, बद्दी) तृतीय स्थान पर रहे। ऑनलाइन पोस्टर प्रस्तुति में रिया ठाकुर (राजकीय फार्मेसी कॉलेज, कांगड़ा) प्रथम, यशिका एवं डॉ. अमनदीप सिंह (आईएसएफ कॉलेज ऑफ फार्मेसी, मोगा) द्वितीय तथा गोकुल एझावा (केबी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, गांधीनगर) तृतीय स्थान पर रहे। ऑफलाइन पोस्टर प्रस्तुति में नवनीत सिंह (हिमाचल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, पांवटा साहिब) प्रथम, आदिया कुमार (सिद्धार्थ इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, देहरादून) द्वितीय तथा अंशिका कुमारी (माया देवी विश्वविद्यालय, देहरादून) तृतीय स्थान पर रहीं।समापन सत्र में इमर्जिंग साइंटिस्ट अवॉर्ड इन फार्माकोलॉजी डॉ. सतनाम सिंह को प्रदान किया गया। ग्लोबल रिसर्च इम्पैक्ट अवॉर्ड (मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी) डॉ. अमनदीप कौर को दिया गया। बेस्ट रिसर्चर अवॉर्ड डॉ. ईशा वत्स (जिज्ञासा विश्वविद्यालय) को, इनोवेटिव रिसर्चर अवॉर्ड डॉ. निधि (जिज्ञासा विश्वविद्यालय, देहरादून) को तथा बेस्ट स्टूडेंट अवॉर्ड अंकित (हिमाचल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, पांवटा साहिब) को प्रदान किया गया।समापन अवसर पर फार्माकोलॉजिकल एंड टॉक्सिकोलॉजिकल स्क्रीनिंग एवं फार्माकोथेरेप्यूटिक्स दो महत्वपूर्ण पुस्तकें विमोचित की गईं।
जिसके लेखक डॉ. रमनदीप सिंह, डॉ. शिल्पी अरोड़ा, श्रीमती शिप्रा गौतम एवं डॉ. अमीशा हैं। तथा आरएक्स इन्वेंटरी – फार्मेसी इन्वेंटरी सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया गया। अंत में अतिथियों, रिसोर्स पर्सन एवं आयोजन समिति के सदस्यों को सम्मानित किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्मेलन का सफल समापन हुआ।
