31.6 C
Dehradun, IN
April 3, 2026
https://himvarta.in/
उत्तराखंडदेहरादूननई दिल्लीशिक्षा

CBSE का बड़ा फैसला: अब कक्षा 3 से 8 तक पढ़ाई जाएगी AI और Computational Thinking

नईदिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने तेजी से बदलती तकनीक को देखते हुए अपने पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड ने कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए नया पाठ्यक्रम शुरू किया है, जिसमें कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पढ़ाया जाएगा। इसका अनावरण बुधवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली में किया, जिसमें राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और सीबीएसई के अध्यक्ष भी मौजूद थे। क्या है ये पाठ्यक्रम? आइए, जानते हैं।

इस पाठ्यक्रम में कक्षा 3 से 5 तक के लिए प्रति वर्ष 50 घंटे की सिफारिश की गई है, ताकि स्कूली शिक्षा में कंप्यूटर विज्ञान और एआई के लिए उम्र के मुताबिक प्रगति सुनिश्चित हो सके। कक्षाओं में, सीटी को पर्यावरण अध्ययन (पाठ्यपुस्तक द वर्ल्ड अराउंड अस से और गणित जैसे मौजूदा विषयों में शामिल किया जाएगा। छात्र पहेलियों, खेलों और अभ्यासों से तार्किक सोच, पैटर्न पहचान और क्रमबद्धता जैसे मूलभूत कौशल सीखेंगे, जिसके लिए संसाधन पुस्तिका दी जाएगी।

कक्षा 6 से 8 तक के पाठ्यक्रम में उन्नत कंप्यूटर संचार कौशल, प्रारंभिक एआई अवधारणाएं और अंतर्विषयक परियोजनाएं शामिल की गई हैं। इसके लिए कुल 100 वार्षिक घंटों में 40 घंटे उन्नत कंप्यूटर संचार, 20 घंटे एआई के मूलभूत सिद्धांतों और शेष 40 घंटे परियोजना-आधारित शिक्षण के लिए आवंटित किए गए हैं। कक्षाओं के मूल्यांकन में परियोजना प्रस्तुतियों, असाइनमेंट, चिंतनशील पत्रिकाओं और कार्यों पर ध्यान केंद्रित होगा। छात्र एआई उपकरणों से परिचित होंगे और एआई के वास्तविक अनुप्रयोगों को समझेंगे।

इस पाठ्यक्रम को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के डॉ. कार्तिक रमन के नेतृत्व में 10 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने विकसित किया है। समिति पैनल में अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, बेंगलुरु और धीरूभाई अंबानी विश्वविद्यालय, गांधीनगर जैसे संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल थे। पाठ्यक्रम लागू होने से भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिसने अपने देशों की स्कूली शिक्षा में एआई को शामिल किया है। इसमें चीन, दक्षिण कोरिया, फिनलैंड, एस्टोनिया और सिंगापुर जैसे देश शामिल हैं।

पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए समिति ने 3 महीनों में 9 बैठकें कीं और एनसीईआरटी अधिकारियों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों, प्रधानाचार्यों, सीबीएसई स्कूलों के कंप्यूटर शिक्षकों से परामर्श किया था। पाठ्यक्रम 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई से संबद्ध 32,900 से अधिक विद्यालयों में लागू किया जाएगा।

Related posts

सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में एसआईटी गठित, 12 पुलिसकर्मी गढ़वाल रेंज स्थानांतरित

himvarta

MBBS स्टूडेंट को बेल्ट और चप्पलों से सीनियर छात्रों ने पीटा, दून मेडिकल कालेज में मारपीट की जांच शुरू

himvarta

CM धामी बोले- हम हर जांच के लिए तैयार:ऑडियो की जांच होनी चाहिए, SIT की जांच के आधार पर ही दोषियों को सजा मिली

himvarta

Leave a Comment