24.1 C
Dehradun, IN
August 2, 2026
https://himvarta.in/
उत्तराखंड

मानसून से पहले क्यों सख्त हुए सीएम धामी? बाढ़ को लेकर दिया बड़ा अलर्ट

देहरादून: उत्तराखंड में हर साल मानसून सीजन के दौरान जहां एक ओर पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा जैसे हालात बनते हैं तो वहीं दूसरी ओर मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है. खासकर हरिद्वार और उधम सिंह नगर जिले में बाढ़ जैसे हालात बनने की वजह से फसलों को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचता है. जिसको देखते हुए सीएम धामी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ की आशंकाओं को देखते हुए समय पर कामों को पूरा लें. ताकि, मानसून सीजन के दौरान जनता को बाढ़ की वजह से दिक्कतों का सामना न करना पड़े.

दरअसल, शुक्रवार यानी 30 जनवरी को सचिवालय में सिंचाई परियोजनाओं के तहत रिवर प्रोटक्शन कार्य और डीसिल्टिंग की प्रगति की समीक्षा की गई. इस समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून सीजन में बाढ़ की आशंकाओं को देखते हुए सभी कामों को समय से कर दिए जाएं.

वहीं, बैठक में अधिकारियों ने बताया कि लघु सिंचाई विभाग की ओर से जल संरक्षण, संवर्द्धन और संभरण योजनाओं के तहत चेक डैम निर्माण, रिचार्ज शॉफ्ट निर्माण के साथ ही तालाब निर्माण किए जा रहे हैं. विभाग की ओर से राज्य में 708 चेक डैम बनाए गए हैं.

इन जिलों में 419 रिचार्ज शॉफ्ट से होगा 108.94 करोड़ लीटर ग्राउंड वाटर रीचार्ज: सिंचाई विभाग की ओर से उधम सिंह नगर, नैनीताल और हरिद्वार में कुल 419 रिचार्ज शॉफ्ट की स्थापना की गई है. जिससे सालाना करीब 108.94 करोड़ लीटर ग्राउंड वाटर रीचार्ज हो सकेगा.

अधिकारियों ने बताया कि 9 वन प्रभागों में पेयजल विभाग व सारा यानी स्प्रिंग एवं रिवर रिजुविनेशन (SARA) अथॉरिटी के जरिए 14 जल स्रोतों के उपचार के लिए जल संरक्षण के कार्य किए जा रहे हैं. कैंपा योजना यानी क्षतिपूर्ति वनरोपण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (CAMPA) के तहत तमाम वन प्रभागों में 247 जल धाराओं का उपचार किया जा रहा है.

वहीं, बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने वन विभाग को वनाग्नि की रोकथाम के लिए अभी से पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए. सीएम धामी ने कहा कि वनाग्नि रोकथाम के लिए मानव संसाधन के साथ ही आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता भी की जाए.

उन्होंने कहा कि वन पंचायतों और वन क्षेत्र के आस-पास के लोगों से विभाग आपसी समन्वय बनाकर रखें. वन संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय काम करने वालों को प्रोत्साहित भी किया जाए. फायर लाइन की समय से सफाई की जाए. साथ ही वनभूमि पर होने वाले अतिक्रमण को भी प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए.

Related posts

सेवा पखवाड़ा सरकार और जनता के बीच भरोसे का सेतु: महाराज

himvarta

कोहरे के चलते प्रदेश के इस जनपद में कल का अवकाश घोषित हुआ स्कूलों में

himvarta

उत्तराखंड स्कूल अवकाश: खराब मौसम का अलर्ट, कल इन जिलों में बंद रहेंगे 1 से 12 तक के सभी विद्यालय

himvarta

Leave a Comment